अपने हिस्से का आसमान
AUTHOR : प्रेरणा जैन
GENRE : Fiction (Hindi)
RECOMMENDATIONS : ‘
'प्रेरणा जैन की कहानियाँ उस पीढ़ी की आवाज़ हैं, जो अरेंज्ड मैरिज से लेकर परिवार की पुरानी परंपराओं, पीढ़ियों से चले आ रहे मौन और लोकतंत्र के अर्थ तक, हर चीज़ पर सवाल करना जानती है। लेकिन सवालों के बीच भी अपने से पिछली पीढ़ी के लिए उसकी आत्मीयता और संवेदना बनी रहती है।
इन कहानियों में हमारे आसपास की दुनिया है, घर, रिश्ते, औरतें, बच्चे, बुज़ुर्ग और बदलता हुआ समाज है। भाषा सहज है, पर नज़र गहरी। प्रेरणा जैन छोटी-छोटी रोज़मर्रा की बातों में हमारे समय की बड़ी सच्चाइयों को पहचानती हैं और बिना किसी शोर के उन्हें हमारे सामने रख देती हैं।
ये कहानियाँ बदलती हुई दुनिया की कहानियाँ हैं, जहाँ पुराना पूरी तरह पीछे नहीं छूटा है और नया अभी पूरी तरह बना नहीं है।
– राना सफ़वी, लेखिका एवं अनुवादक
About the author :
प्रेरणा जैन अपने कैमरे और शब्दों के ज़रिये कहानियाँ कहती हैं। अनेकों बार, अलग अलग विषयों पर उनके द्वारा खींची गयी तस्वीरें, देश विदेश के बहुत से अख़बारों, पत्रिकाओं और वेबसाइट्स में छपी और सराही गयी हैं। उनके कैमरे से निकली कहानियां वन्य जीवन से लेकर अपने आस पास की रोज़मर्रा की घटनाओं को बड़ी ईमानदारी से दिखाती हैं।
उनकी लघु कहानियों की पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित हो चुकी है।
उन्होंने पक्षी जीवन को प्रदर्शित करने वाली फोटोग्राफी की एक कॉफी टेबल बुक भी प्रकाशित की है। वह जामिया मिलिया इस्लामिया में अतिथि शिक्षक हैं और द हिंदुस्तान टाइम्स के लिए फोटो निबंध लिखती हैं।
BINDING : Paperback
SIZE: 140 mm x 215 mm
PAGES: 110
Availabilty: In Stock
Rs. 300.00
Inclusive of all taxes
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